
चलो चलते हैं कहीं दूर
इस संसार से !!
जाना कहाँ है समझ नही आता
पर जाना है !!!
वो मंजिल जो पुकार रही है दूर से मुझे
वो नदिया, पहाड़ , झरने
प्रकृति
बुला रहे हैं मुझे अपने पास,
पता नही कब जाऊंगा ...
पर शायद चला जाऊंगा !!!
इस संसार से !!
जाना कहाँ है समझ नही आता
पर जाना है !!!
वो मंजिल जो पुकार रही है दूर से मुझे
वो नदिया, पहाड़ , झरने
प्रकृति
बुला रहे हैं मुझे अपने पास,
पता नही कब जाऊंगा ...
पर शायद चला जाऊंगा !!!
