
किसी अंधेरे कोने को
रोशन करने की आरजू है ...
किसी रोते हुए बच्चे को
हंसाने की आरजू है ...
किसी प्यासे पथिक को
पानी पिलाने की आरजू है ...
एक भूखे मुसाफिर को
खिलाने की आरजू है ...
अपनी जिंदगी से
क्यों इतनी आरजू हैं ,
अब जी लिए बहुत , ऐ दिल
थोड़ा सा मर जाने की आरजू है !!!
